भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर रेलवे सतर्कता विभाग की अभूतपूर्व कार्रवाई
पारदर्शिता बनाए रखने के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई कारगर मुहिम

नई दिल्ली, 4 मार्च।
उत्तर रेलवे के सतर्कता विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने, कदाचार से बचने और वित्तीय अखंडता को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्नत तकनीक और अनवरत जांच के चलते विभाग ने बढ़ती चुनौतियों पर काबू पाने में सफल साबित हुआ है। इसके साथ ही जवाबदेही बनाए रखने और धोखाधड़ी की गतिविधियों को रोकने तथा रेलवे प्रणाली की सुरक्षा करने में उचित कदम उठाए गए ।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि सक्रिय दृष्टिकोण के साथ से इस साल 550 से अधिक भ्रष्टाचार निवारक जाँचे की गईं। जिनके परिणामस्वरूप विभिन्न अनियमितताओं का पता लगाकर उन्हें सुधारा गया। सतर्कता विभाग के इन प्रयासों ने लगभग ₹4.46 करोड़ के राजस्व की हानि को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महाप्रबंधक ने बताया कि इस मुहिम से वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को बल मिला है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ उप महाप्रबंधक डॉ मोनिका अग्निहोत्री ने सतर्कता विभाग की कमान संभालने के बाद कदाचार के मामले रोकने में अहम भूमिका निभाई है। सतर्कता विभाग ने 1012 शिकायतों को कुशलतापूर्वक निपटाया। जिसमें केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा संदर्भित 100 से अधिक पीआईडीपीआई शिकायतें और 27 मामलों और 30 आरोपी अधिकारियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण लोकपाल शिकायत भी शामिल है। प्रत्येक मामले की सावधानीपूर्वक जांच की गई, जो आंतरिक शिकायतों पर कुशलतापूर्वक प्रतिक्रिया देने में विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विभाग ने प्रणालीगत खामियों की भी पहचान की, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से प्रणाली में सुधार के लिए 43 महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं।

खानपान सेवाओं सहित गैर रेलहेड स्थानों पर पीआरएस काउंटर खोलने में सुधार
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि खानपान सेवाओं, रेलवे पास के विस्तार, कुलियों के लिए लाइसेंसिंग और गैर-रेलहेड स्थानों पर पीआरएस काउंटरों की स्थापना में उल्लेखनीय सुधार किए गए। इससे सेवा दक्षता और पारदर्शिता में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि टिकट धोखाधड़ी पर गहन जांच से व्यापक कदाचार का पर्दाफाश हुआ है। जिसमें संविदा आरक्षण कर्मचारियों और ट्रैवल एजेंटों के बीच मिलीभगत भी शामिल है। पुलवामा और कुपवाड़ा जैसे संवेदनशील स्थानों पर जांच से एक जाली तत्काल टिकट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ, जो नकली स्टेशनरी और ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए यात्रियों ठगता था। महाप्रबंधक ने बताया कि विभाग ने धोखाधड़ी वाली व्यापारिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर चलाए गए एक बड़े अभियान में 2.32 करोड़ रुपये मूल्य की 1810 किलोग्राम गलत तरीके से घोषित आयातित सिगरेट जब्त की गई। इसके अतिरिक्त, अज़्ज़ा स्टेशन स्थित माल गोदाम पर माल की गलत घोषणा के लिए ₹7.33 लाख का जुर्माना लगाया गया।
फाजिल्का बुकिंग कार्यालय में भी वित्तीय अनियमितताएँ उजागर
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि फाजिल्का बुकिंग कार्यालय में भी वित्तीय अनियमितताएँ उजागर हुईं। जहाँ ट्रेजरी रेमिटेंस नोट में हेरफेर का पता चला व त्वरित हस्तक्षेप से लगभग ₹42 लाख की वसूली हुई। इससे वित्तीय लेनदेन में जवाबदेही बेहतर हुई। इसी तरह, ₹2.45 करोड़ की बकाया स्टाफ लागत सफलतापूर्वक वसूल की गई, जो वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एस.एस.ई को स्क्रैप खरीदार से ₹29,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा
महाप्रबंधक ने बताया कि एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, बडगाम डीईएमयू शेड में एक डिकोय चेक (Decoy Check) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। जिसके परिणामस्वरूप एक एस.एस.ई को स्क्रैप खरीदार से ₹29,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके अतिरिक्त, सख्त गुणवत्ता जाँच के चलते ₹2.85 करोड़ मूल्य की घटिया लिनन सामग्री को प्रयोग करने से रोका गया।
उत्तर रेलवे सतर्कता विभाग अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ पारदर्शिता, वित्तीय जवाबदेही और नैतिक शासन को कायम रखते हुए भ्रष्टाचार मुक्त और बेहतर रेलवे नेटवर्क सुनिश्चित कर रहा है।



