राष्ट्रपति भवन में IRITM के रेलवे प्रशिक्षु अधिकारियों की विशेष मुलाकात
रेलवे सेवाओं की भूमिका और जिम्मेदारियों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मार्गदर्शन

नई दिल्ली, 20 अप्रैल
भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (यातायात), भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा और भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (लेखा) के प्रशिक्षु अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए रेलवे सेवाओं की अहम भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

रेलवे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की एक बड़ी आबादी प्रतिदिन रेलवे पर निर्भर रहती है, ऐसे में रेलवे अधिकारियों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे देश की गतिशीलता को बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे सेवाएं लोगों के दैनिक जीवन की गुणवत्ता तय करती हैं, इसलिए अधिकारियों को सेवा भावना और दक्षता के साथ कार्य करना चाहिए।

रेलवे विकास और परियोजनाओं की दी जानकारी
इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने राष्ट्रपति को पिछले एक दशक में रेलवे बुनियादी ढांचे में हुए विकास और चल रही परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

प्रशिक्षु अधिकारियों का संकल्प और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान परिवीक्षाधीन अधिकारियों डॉ. दीपशा भट्टाचार्य और प्रांजल जैन ने अपने प्रशिक्षण का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। इस मौके पर सदस्य (वित्त) रेलवे बोर्ड मंजुषा जैन, महानिदेशक (एचआर) अरुणा नायर, IRITM के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर, आरपीएफ महानिदेशक सोनाली मिश्रा तथा विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।



