राजभाषा कार्यान्वयन में पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ बना नंबर-1
नराकास की अर्द्धवार्षिक बैठक में 72 सदस्य कार्यालयों में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित

लखनऊ, 25 जून 2026
राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ को बड़ी उपलब्धि मिली है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की अर्द्धवार्षिक बैठक में छमाही रिपोर्ट के मूल्यांकन के आधार पर 72 सदस्य कार्यालयों में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा तिमाही हिंदी कार्यशालाओं के सफल आयोजन के लिए कार्यालय को प्रशस्ति प्रमाणपत्र से भी सम्मानित किया गया।

हिंदी के प्रगामी प्रयोग से बनी अलग पहचान
पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए नियमित रूप से हिंदी कार्यशालाएं, प्रतियोगिताएं और विभिन्न राजभाषा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कार्यालय की राजभाषा नीति की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। सभी पत्राचार, परिपत्र, सूचनाएं और जनसंपर्क सामग्री द्विभाषी रूप में जारी की जाती हैं। वहीं कार्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘कायाकल्प’ भी हिंदी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

नागरिकों तक सरल और प्रभावी ढंग से जानकारी पहुंचाने के लिए पासपोर्ट कार्यालय सोशल मीडिया सहित अन्य संचार माध्यमों में भी हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दे रहा है। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि कार्यालय को राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ। पुरस्कार समारोह के अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ज्ञानवीर सिंह तथा कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी लकी सिंह उपस्थित रहे। वही प्रथम पुरस्कार पाने पर सभी पासपोर्ट कर्मियों ने खुशी का इज़हार किया!



