लखनऊ में एएसएमजीसीएस कार्यशाला का शुभारंभ, एयरपोर्ट संचालन में उत्कृष्टता पर मंथन
एआई और आधुनिक निगरानी तकनीकों से विमानन सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

लखनऊ, 11 जून 2026
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के सीएनएस प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ द्वारा चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एडवांस्ड सरफेस मूवमेंट गाइडेंस एंड कंट्रोल सिस्टम (एएसएमजीसीएस) विषय पर पहली कार्यशाला का आयोजन किया गया। दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. पाण्डेय ने किया।

अपने संबोधन में उन्होंने विमानन सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि एआई परिचालन दक्षता, निर्णय-निर्धारण, पूर्वानुमान आधारित रखरखाव और सुरक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकता है। साथ ही उन्होंने साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता से जुड़ी चुनौतियों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए एएआई के कार्यकारी निदेशक (सीएनएस-ओएंडएम) एस. के. मलिक ने आधुनिक विमानन में उन्नत निगरानी तकनीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए ज्ञान साझा करने की संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

सीएनएस प्रभारी ए. ए. अंसारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य हवाई अड्डा सतह निगरानी एवं मार्गदर्शन प्रणालियों में परिचालन उत्कृष्टता बढ़ाना और सुरक्षित विमान संचालन सुनिश्चित करना है। देशभर के विभिन्न हवाई अड्डों से आए अनुभवी सीएनएस अभियंताओं ने कार्यशाला में भाग लिया तथा एएसएमजीसीएस और रडार तकनीकों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने नवीन तकनीकों को अपनाने, व्यावसायिक दक्षताओं को मजबूत करने और उन्नत निगरानी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विमानन सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। यह कार्यशाला विमानन क्षेत्र में उभरती चुनौतियों और उनके समाधानों पर सार्थक चर्चा का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है।



