पूर्वोत्तर रेलवे की पहल: एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते, ऑपरेशन आहट, ऑपरेशन मेरी सहेली, ऑपरेशन मातृशक्ति पर चर्चा

लखनऊ, 31 मार्च 2026
अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ के ऑडिटोरियम में रेलवे सुरक्षा बल, पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा मानव तस्करी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत आयोजित की गई।

कार्यशाला की मुख्य अतिथि विजया किशोर राहतकर, अध्यक्षा, राष्ट्रीय महिला आयोग रहीं। विशिष्ट अतिथियों में बबीता सिंह चौहान, अध्यक्षा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ गौरव अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक/परिचालन नीतू, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त आरडीएसओ अरुण कुमार चौरसिया तथा एनसीडब्ल्यू के डिप्टी डायरेक्टर राम अवतार सिंह उपस्थित रहे।

कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण त्रिपाठी द्वारा किया गया। इस अवसर पर कानूनी विशेषज्ञ एवं शक्ति वाहिनी के सह-संस्थापक निशिकांत तथा मदद फाउंडेशन के संस्थापक राजेश मणि ने मानव तस्करी पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए और राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों के माध्यम से समस्या की गंभीरता से अवगत कराया।

कार्यशाला में जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी के असिस्टेंट कमांडेंट प्रोबेशनर्स, विभिन्न जोनल रेलवे से आए 22 सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ एवं जीआरपी के अधिकारी एवं स्टाफ, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सदस्य, पूर्वोत्तर रेलवे के परिचालन व वाणिज्य विभाग के कर्मचारी तथा कुली और वेंडर्स सहित करीब 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

मुख्य अतिथि विजया किशोर राहतकर ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल और राष्ट्रीय महिला आयोग के बीच बेहतर समन्वय से मानव तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की सजगता को बेहद जरूरी बताया।

कार्यशाला में ‘सॉफ्ट टारगेट’ की पहचान, कुली और वेंडर्स की भूमिका, ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते, ऑपरेशन आहट, ऑपरेशन मेरी सहेली, ऑपरेशन मातृशक्ति, कानूनी प्रावधान, अंतर-विभागीय समन्वय और तकनीकी व हेल्पलाइन के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के बेस्ट परफॉर्मर सदस्यों को मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के माध्यम से होने वाली मानव तस्करी को रोकने की दिशा में जागरूकता और समन्वय को मजबूत करने वाला अहम कदम साबित होगी।



