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एएआई के प्रथम एब-इनिशियो प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का शुभारंभ, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रशिक्षुओं को अत्याधुनिक प्रशिक्षण

आईआईएम लखनऊ के निदेशक ने बताया AI और क्वांटम कंप्यूटिंग को विमानन क्षेत्र का भविष्य

लखनऊ, 08 जुलाई 2026
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (RTC), लखनऊ में कनिष्ठ कार्यपालक प्रशिक्षुओं (इलेक्ट्रॉनिक्स) के प्रथम एब-इनिशियो (Ab-initio) प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का बुधवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देशभर में संचार, नेविगेशन एवं सर्विलांस (CNS) प्रणालियों के संचालन और अनुरक्षण के लिए उच्च दक्षता वाले तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कार्यक्रम का आयोजन एएआई लखनऊ के सीएनएस प्रभारी ए. ए. अंसारी के मार्गदर्शन में किया गया। उद्घाटन समारोह में आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. पी. गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में यही तकनीकें विमानन सहित विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों की दिशा तय करेंगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं को नई तकनीकों को अपनाने, निरंतर सीखने और नवाचार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर आईएमडी के निदेशक, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, एएआई लखनऊ हवाईअड्डे के महाप्रबंधक सहित विमानन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने सुरक्षित, संरक्षित और कुशल हवाईअड्डा संचालन में तकनीकी दक्षता, सुरक्षा संस्कृति, समन्वय और व्यावसायिक उत्कृष्टता के महत्व पर जोर दिया।

सीएनएस प्रभारी ए. ए. अंसारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह पाठ्यक्रम देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों से चयनित नव नियुक्त कनिष्ठ कार्यपालक प्रशिक्षुओं के लिए तैयार किया गया है। इसमें विमानन इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार प्रणाली, नेविगेशन एड्स, सर्विलांस सिस्टम, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सपोर्ट, हवाईअड्डा संचालन, साइबर सुरक्षा, सुरक्षा प्रबंधन तथा आधुनिक विमानन से जुड़ी उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षुओं को ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करेगा तथा देश में सुरक्षित और विश्वस्तरीय हवाई यातायात सेवाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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