विद्युत मजदूर संगठन ने वेतन विसंगति और पदोन्नति में देरी पर जताई नाराजगी
संविदा कर्मियों की बहाली और ऊर्जा विभाग को सेवा निगम में शामिल करने की मांग

लखनऊ 12 जुलाई 2026
विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को संगठन भवन, जी-107 हम्बरा अपार्टमेंट, श्यामा चौराहा, लखनऊ में संगठन के अध्यक्ष विमलचंद पांडे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बिजली विभाग के कर्मचारियों और संविदा कर्मियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके शीघ्र समाधान की मांग उठाई गई।
संगठन के मुख्य महामंत्री श्रीचन्द्र ने कहा कि कार्यकारी सहायक, टीजी-2 एवं समकक्ष कर्मचारियों की वेतन विसंगति वर्षों बाद भी दूर नहीं की गई है। समय पर पदोन्नतियां नहीं हो रही हैं और स्थानांतरण नीति के विपरीत कर्मचारियों का जिलों से बाहर तबादला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर बड़े पैमाने पर पदों में कटौती की गई है तथा हजारों संविदा कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण उपभोक्ताओं के साथ विवाद और कर्मचारियों पर हमले की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

श्रीचन्द्र ने यह भी कहा कि पावर कॉरपोरेशन ने मृतक आश्रितों की चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त कर दी है, जिससे कई प्रभावित परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने चयनित अवर अभियंताओं की वरिष्ठता सूची जल्द जारी करने तथा 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को प्रथम एसीपी का लाभ देने की मांग की।
बैठक के अंत में संगठन के अध्यक्ष विमलचंद पांडे ने कहा कि सरकार ने संविदा कर्मियों के हितों के लिए सेवा निगम का गठन किया है, लेकिन अभी तक ऊर्जा विभाग को इसमें शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऊर्जा विभाग को भी सेवा निगम में शामिल करने, वर्ष 2023 की हड़ताल के दौरान हटाए गए संविदा कर्मियों की पुनर्बहाली तथा वर्टिकल व्यवस्था के तहत हटाए गए कर्मचारियों को वापस नौकरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के उत्पीड़न से संबंधित मामलों का भी अब तक निस्तारण नहीं हुआ है, जिससे कर्मचारियों में व्यापक रोष है।
बैठक का संचालन प्रदेश प्रभारी आर.सी. पाल ने किया। इस दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक सिन्हा, शोएब हसन, प्रताप सिंह, एस.के. सिंह, आर.वाई. शुक्ला, मोहन बाबू आर्य, जलीलुर्रहमान, अशोक गुप्ता, राहुल कुमार, विनोद श्रीवास्तव, संदीप कुमार, दीपक कश्यप, ज्ञानेन्द्र शर्मा, कपिल सारस्वत, अवनीश श्रीवास्तव, यशपाल सिंह, रविकांत, आरिफ बेग, पुनीत राय, प्रेम पाल, अरविंद कुमार, चंद्रकांत, वेद सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।



