उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मिला ऑटो-टैम्पो संयुक्त मोर्चा, समस्याओं से कराया अवगत
ई-रिक्शा पंजीकरण पर नियंत्रण की मांग, उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

लखनऊ, 20 जून 2926
लखनऊ में टैम्पो-टैक्सी एवं ऑटोरिक्शा संयुक्त मोर्चा (TAUF) का प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak के आवास पर पहुंचा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों से ऑटो, टैम्पो, ई-ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने संचालन में आ रही विभिन्न दिक्कतों और उनके समाधान की मांग उठाई। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

45 निर्धारित ठहराव स्थलों से संचालन शुरू कराने की मांग
TAUF प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 2023 में ऑटो और टैम्पो के लिए 45 ठहराव स्थलों का निर्धारण किया गया था। चारबाग सहित कुछ स्थानों पर प्रायोगिक रूप से संचालन की अनुमति भी दी गई थी, जिसे संगठन ने छह माह तक सफलतापूर्वक संचालित किया। इसके बावजूद वर्तमान में निर्धारित स्टैंडों से नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि अव्यवस्थित संचालन के कारण शहर में यातायात जाम की समस्या बढ़ रही है और संचालकों को नो-पार्किंग चालान व अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ई-रिक्शा पंजीकरण पर नियंत्रण की मांग, उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने ई-ऑटो और ई-रिक्शा के बढ़ते पंजीकरण पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि बिना परमिट छूट के कारण बड़ी संख्या में वाहनों का पंजीकरण हो रहा है, जिससे लखनऊ की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मोर्चा ने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर इस व्यवस्था की समीक्षा कराने की मांग की। बैठक के अंत में TAUF पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। बैठक में पंकज दीक्षित, राजेश राज और संतोष जायसवाल सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।



