उत्तर प्रदेशदेश-विदेश

आईआरआईटीएम और आईआईएम लखनऊ के बीच हुआ अहम समझौता, रेलवे अधिकारियों के क्षमता निर्माण को मिलेगी नई दिशा

प्रशिक्षण, अनुसंधान और नेतृत्व विकास में बढ़ेगा सहयोग, पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा MoU

लखनऊ, 15 जून 2026
लखनऊ में भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम) और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य भारतीय रेलवे अधिकारियों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान एवं नेतृत्व क्षमता विकास को नई मजबूती प्रदान करना है। दोनों संस्थानों के बीच हुआ यह करार रेलवे प्रबंधन और परिवहन क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम), लखनऊ एवं भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), लखनऊ के मध्य सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। आईआरआईटीएम के अभिव्यक्ति सभागार में आयोजित समारोह में आईआरआईटीएम के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर तथा आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर दोनों संस्थानों के संकाय सदस्य तथा भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारी भी मौजूद रहे। समझौते के तहत भारतीय रेल के चयनित अधिकारियों के लिए विशेष प्रबंधन कार्यक्रम, डॉक्टोरल अध्ययन के अवसर, अनुसंधान परामर्श और अल्पकालिक, मध्यमकालिक एवं दीर्घकालिक प्रबंधन विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
इसके अलावा दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, ज्ञान संसाधनों के आदान-प्रदान, उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) की स्थापना तथा अन्य शैक्षणिक पहलों पर भी सहयोग करेंगे। यह समझौता विकसित भारत के विजन के अनुरूप रेलवे क्षेत्र में आधुनिक प्रबंधन कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आईआरआईटीएम के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर ने कहा कि यह समझौता रेलवे अधिकारियों की प्रबंधकीय एवं नेतृत्व क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक संगठनों के बीच सहयोग नवाचार और नेतृत्व विकास को बढ़ावा देता है। उन्होंने आईआरएमएस अधिकारियों को सतत् अधिगम, रणनीतिक सोच और व्यावसायिक उत्कृष्टता को अपने करियर का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहने वाला यह समझौता प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा तथा भारतीय रेल में क्षमता निर्माण को नई गति प्रदान करेगा।

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