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विद्यांत हिंदू पीजी कॉलेज के छात्रों ने प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण से लेकर ऐतिहासिक दस्तावेजों की ली जानकारी

राज्य अभिलेखागार में व्याख्यानमाला: शोध में आर्काइव के महत्व पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

लखनऊ, 08 अप्रैल 2026
राजधानी के विद्यांत हिंदू पीजी कॉलेज के पद्मश्री योगेश प्रवीण कल्चरल क्लब और संस्कृत विभाग द्वारा राज्य अभिलेखागार, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोफेसर नीतू सिंह और डॉ. शहादत हुसैन ने शोध कार्य में आर्काइव के महत्व पर विस्तृत और उपयोगी व्याख्यान प्रस्तुत किए।

संस्कृत विभाग की अध्यक्ष डॉक्टर शालिनी साहनी ने अपने संबोधन में भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘ज्ञान भारतम’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों का संरक्षण, संवर्धन, अध्ययन और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना में छात्र-छात्राएं और आमजन किस प्रकार अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं।

कार्यक्रम में 80 से अधिक छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रोफेसर उषा देवी, प्रोफेसर ममता रानी भटनगर, प्रोफेसर प्रभा गौतम सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। वहीं राज्य अभिलेखागार से अमिताभ पांडे और शिवकुमार यादव ने छात्रों को अभिलेखागार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं और दुर्लभ दस्तावेजों का अवलोकन कराया।

छात्रों ने रानी लक्ष्मीबाई के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दस्तावेज, उनकी मृत्यु से संबंधित टेलीग्राम, चंद्रशेखर आजाद के पत्र, काकोरी कांड से जुड़े अभिलेख सहित कई ऐतिहासिक दस्तावेज देखे। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि अभिलेखागार में पुराने दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स को संरक्षित करने के लिए किस प्रकार की वैज्ञानिक विधियों का उपयोग किया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि राज्य अभिलेखागार में वर्ष 1803 से लेकर वर्तमान तक विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण अभिलेख सुरक्षित रखे गए हैं, जो शोध और इतिहास के अध्ययन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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