आईआरआईटीएम में “प्रौद्योगिकी, iGOT एवं एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता संवर्धन” पर क्षेत्रीय कार्यशाला

लखनऊ, 24 फरवरी
राजधानी स्थित भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम) में मंगलवार को “प्रौद्योगिकी, iGOT (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) एवं एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता संवर्धन” विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी), भारत सरकार की प्रधान सलाहकार चंद्रलेखा मुखर्जी ने की। कार्यशाला में विभिन्न प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
राष्ट्रीय क्षमता निर्माण मिशन में आईआरआईटीएम की प्रतिबद्धता-रंजन प्रकाश ठाकुर

आईआरआईटीएम के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण की प्रभावशीलता, पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने में प्रौद्योगिकी, iGOT कर्मयोगी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई-सक्षम उपकरण अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने और राष्ट्रीय क्षमता निर्माण मिशन में आईआरआईटीएम की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता सक्षम और दक्ष सिविल सेवकों के निर्माण के लिए जरूरी-चंद्रलेखा मुखर्जी
प्रधान सलाहकार चंद्रलेखा मुखर्जी ने अपने उद्घाटन वक्तव्य में प्रशिक्षण प्रणाली में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण को भविष्य के लिए सक्षम और दक्ष सिविल सेवकों के निर्माण के लिए जरूरी बताया। उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता सुदृढ़ करने और सार्वजनिक सेवा प्रशिक्षण में नवाचार, सहयोग व उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में क्षमता निर्माण आयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला।
एआई के उत्तरदायी उपयोग पर उपयोगी जानकारी की गई साझा
कार्यशाला के दौरान प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशिक्षण ढांचे, iGOT प्लेटफॉर्म पर सामग्री के चयन व प्राथमिकता निर्धारण, तथा प्रशिक्षण गुणवत्ता और संस्थागत तैयारी को मजबूत करने के लिए एआई-सक्षम उपकरणों के उपयोग जैसे विषयों पर विषयगत सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में डिजिटल तत्परता, हाइब्रिड प्रशिक्षण मॉडल, संकाय क्षमता विकास और क्षमता निर्माण में एआई के उत्तरदायी उपयोग पर उपयोगी जानकारी साझा की गई।
मिशन कर्मयोगी के अनुरूप प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत -संजय त्रिपाठी
आईआरआईटीएम के अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी और संकाय सदस्यों ने चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी की और संस्थान के अनुभव साझा किए। यह कार्यशाला ज्ञान के आदान-प्रदान, आपसी सहयोग और भारत सरकार के मिशन कर्मयोगी के अनुरूप प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने का एक प्रभावी मंच साबित हुई। कार्यशाला का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत सुधार के जरिए प्रशिक्षण मानकों को और मजबूत करने के लिए आईआरआईटीएम और सहभागी संस्थानों की प्रतिबद्धता दोहराई गई।



