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“बढ़ते प्रदूषण पर जागरूकता से कार्रवाई तक” विषय पर राउंडटेबल चर्चा आयोजित

चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप द्वारा CFLI एवं लखनऊ नगर निगम के सहयोग से चर्चा

लखनऊ, 12 फरवरी।
लखनऊ में बढ़ते प्रदूषण पर जागरूकता से लेकर कार्रवाई तक विषय पर एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल चर्चा का आयोजन चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप द्वारा CFLI एवं लखनऊ नगर निगम के सहयोग से किया गया। स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित
इस चर्चा में विभिन्न विभागों और संगठनों से जुड़े 40 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें KGMU, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), IWC, LSA, A-PAG, पूर्व वरिष्ठ वन अधिकारी, स्मार्ट सिटी पर्यावरण सलाहकार, एरम यूनानी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक, नगर निगम के पर्यावरण विभाग के सलाहकार एवं अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।

चिंतन की सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. भाव्या सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत 
कार्यक्रम की शुरुआत चिंतन की सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. भाव्या सिंह ने कहा कि इस प्रकार की लर्निंग डिस्कशन का उद्देश्य साझा अनुभवों से सीखना, आपसी सहयोग को मजबूत करना और समाधान की दिशा में सभी प्रतिभागियों के सुझावों को महत्व देना है।
स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक एस.सी. सिंह ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), एयर पॉल्यूशन मॉनिटरिंग सिस्टम तथा सड़क की धूल कम करने के लिए पानी के छिड़काव जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

वायु प्रदूषण में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन एक बड़ी चिंता-प्रोफेसर सूर्यकांत

KGMU के रेस्पिरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सूर्यकांत ने कहा कि वायु प्रदूषण में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन एक बड़ी चिंता है। सर्दियों में शुष्क और घनी हवा के कारण एलर्जी और अस्थमा के लक्षण बढ़ जाते हैं, क्योंकि प्रदूषक तत्व इन बीमारियों को और गंभीर बना देते हैं। A-PAG के टीम लीड विनय सिंह ने कचरा जलाना और सड़क की धूल को प्रमुख समस्या बताया। उन्होंने स्मार्ट सिटी वेबसाइट पर ई-शिकायत के लिए 1533 नंबर तथा शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में भी बताया।

1000 ईवी, एंटी-स्मॉग गन तथा धूल नियंत्रण के लिए किया जा रहा कार्य- गौरव कुमार, नगर आयुक्त 
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अपने समापन संबोधन में बताया कि वृक्षारोपण, मियावाकी पद्धति, 1000 ईवी, एंटी-स्मॉग गन तथा धूल नियंत्रण के लिए एंड-टू-एंड पेवमेंट जैसे कदमों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने चिंतन द्वारा विभिन्न विभागों और संगठनों को एक मंच पर लाने के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद लखनऊ में स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण के लिए सामूहिक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन और निर्माण गतिविधियाँ प्रमुख चुनौतियाँ-संजीव प्रधान र्यावरण अभियंता 
लखनऊ नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन और निर्माण गतिविधियाँ प्रमुख चुनौतियाँ हैं, जिन पर लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने 311 ऐप तथा जीपीएस आधारित पहले और बाद की तस्वीरों की व्यवस्था की भी जानकारी दी।


शोध में वायु प्रदूषण से स्वतः गर्भपात की दर बढ़ने के संकेत-प्रोफेसर शैलेन्द्र
पर्यावरण अध्ययन के प्रोफेसर शैलेन्द्र ने वैज्ञानिक शोध और जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शोध में वायु प्रदूषण से स्वतः गर्भपात की दर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बेहतर AQI के लिए हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरणीय दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।अन्य वक्ताओं ने व्यवहार परिवर्तन, ट्रैफिक जाम में अनावश्यक रुकावट न करने, चोक-टाइम विश्लेषण, स्कूलों के पास पार्क को अपनाने और योजनाबद्ध शहर विकास जैसे सुझाव रखे। पूर्व वरिष्ठ वन अधिकारी उर्मेंद्र शर्मा और इकबाल सिंह ने भी बेहतर शहरी योजना, संसाधन प्रबंधन और व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

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