विद्युत मजदूर संगठन ने प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, संविदा कर्मचारियों की छंटनी पर आंदोलन की चेतावनी
नियम-विरुद्ध आदेश जारी कर किया जा रहा है कर्मचारियों का उत्पीड़न- आर.एस. राय

लखनऊ, 08 फरवरी।
विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रबंधन पर कर्मचारियों के उत्पीड़न और लंबित समस्याओं को नजरअंदाज करने के गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो शक्ति भवन पर विशाल प्रदर्शन सहित तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
बैठक रविवार को लखनऊ के श्यामा चौराहा स्थित जी-107, हम्बरा अपार्टमेंट में प्रान्तीय अध्यक्ष विमलचंद पांडे की अध्यक्षता में हुई। इसमें वरिष्ठ मजदूर नेता आर.एस. राय, कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक सिन्हा, सैय्यद शोएब हसन, मुख्य महामंत्री श्रीचन्द्र, प्रदेश प्रभारी आरसी पाल सहित बाबू प्रताप सिंह, इंद्रेश राय, अशोक गुप्ता, मोहन बाबू आर्य, एसके सिंह, राजीव रंजन राय, संदीप कुमार, राहुल कुमार, वेद प्रकाश राय, जितेंद्र कुमार, संतोष कुमार, विनोद श्रीवास्तव, अजय भट्टाचार्य, राम चरण, अवनीश श्रीवास्तव, आरिफ वेग, मनीष श्रीवास्तव समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रबंधन वर्षों से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का नहीं कर रहा समाधान- आर.एस. राय

वरिष्ठ नेता आर.एस. राय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रबंधन वर्षों से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। बल्कि नियम-विरुद्ध आदेश जारी कर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों से कार्यरत करीब 25 हजार संविदा कर्मचारियों को हटाए जाने की कार्रवाई से उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। संगठन इसकी पुरजोर विरोध करता है और जल्द ही शक्ति भवन पर बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है।
तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के बीच सत्र में हो रहे तबादलों पर भी आपत्ति
मुख्य महामंत्री श्रीचन्द्र ने मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी पद पर सेवायोजन समाप्त करने के पावर कॉरपोरेशन के फैसले को घातक बताया। कई परिवार आज भी बिना पेंशन या स्थायी आय के संघर्ष कर रहे हैं। साथ ही तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के बीच सत्र में हो रहे तबादलों पर भी आपत्ति जताई गई। संगठन ने प्रबंधन से उत्पीड़न तुरंत बंद करने, संविदा कर्मचारियों की छंटनी रोकने, मृतक आश्रितों की बहाली और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की है। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसके परिणामस्वरूप बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
छंटनी और निजीकरण के विरोध में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन जारी
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में संविदा बिजली कर्मचारियों की छंटनी और निजीकरण के विरोध में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन जारी हैं। संगठन का कहना है कि अनुभवी कर्मचारियों की छंटनी से प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है



