AIRF के 101वें महाधिवेशन में निजीकरण के खिलाफ हुंकार, एकता से अधिकारों की लड़ाई का संकल्प
लखनऊ में देशभर के रेलकर्मियों का ऐतिहासिक जमावड़ा

टी. एन. मिश्र, लखनऊ
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (All India Railwaymen’s Federation) का 101वां वार्षिक महाधिवेशन (AGM) लखनऊ में भव्य और ऐतिहासिक रूप से हुआ। इस महाधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों और रेलवे जोनों से आए हजारों रेलकर्मियों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता, संगठनात्मक शक्ति और अधिकारों की लड़ाई का मजबूत संदेश दिया।
अध्यक्षीय संबोधन में निजीकरण पर तीखा प्रहार
महाधिवेशन की अध्यक्षता AIRF के अध्यक्ष डॉ. कन्नैयाह ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने रेलवे में बढ़ते निजीकरण और आउटसोर्सिंग के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रेलवे देश की जीवनरेखा है और इसका अत्यधिक निजीकरण न केवल कर्मचारियों बल्कि आम यात्रियों के हितों के भी विरुद्ध है। उन्होंने रेलकर्मियों से सजग, संगठित और संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।


जनरैली से पहले ही दिखी संगठन की ताकत
खुले अधिवेशन से पूर्व लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। टी.एन. बाजपेयी चौराहे से शुरू होकर मवैया, चारबाग बस आस्टैंड होते हुए चारबाग रेलवे स्टेडियम तक एक विशाल जनरैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने किया। हाथों में तख्तियां, बैनर और बुलंद नारों के साथ रेलकर्मियों ने अपनी मांगों को सशक्त तरीके से उठाया। रैली ने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया।


कर्मचारियों की मांगों पर खुलकर बोले महासचिव शिव गोपाल मिश्रा
महाधिवेशन को संबोधित करते हुए महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने रेल कर्मचारियों की प्रमुख मांगों—जैसे सुरक्षित सेवा शर्तें, भर्ती में पारदर्शिता, पदों का शीघ्र भरण, पुरानी पेंशन से जुड़े मुद्दे और निजीकरण पर रोक—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विश्वास जताया कि रेलकर्मियों की इस अभूतपूर्व एकता को देखते हुए सरकार लंबित मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने को विवश होगी।


समापन सत्र में सरकार और रेलवे प्रशासन का आश्वासन
महाधिवेशन के समापन सत्र को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ए.के. वर्मा, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी सहित उत्तर रेलवे एवं उत्तर पूर्व रेलवे के डीआरएम अधिकारियों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने रेलकर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने जाने और उनके समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाने का भरोसा दिलाया। सभा का संचालन मंडल मंत्री आरके पांडेय ने किया


एकता और संघर्ष का प्रतीक बना महाधिवेशन
AIRF का यह 101वां महाधिवेशन केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं, बल्कि रेलकर्मियों की एकजुटता, संघर्षशीलता और अधिकारों की रक्षा के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। महाधिवेशन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश गया कि रेलकर्मी अपने भविष्य, सेवा शर्तों और रेलवे के सार्वजनिक चरित्र की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़े हैं।



