चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप की ओर से इनडोर वायु प्रदूषण और सुरक्षित कार्यप्रणाली पर जागरूकता कार्यशाला
घरेलू कामगारों की सेहत और सुरक्षा पर फोकस

लखनऊ, 13 दिसंबर 2025।
लखनऊ में घरेलू कामगारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक अहम पहल सामने आई है। चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप की ओर से इनडोर वायु प्रदूषण और सुरक्षित कार्यप्रणाली पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में घरेलू कामगारों ने भाग लेकर अपने स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी हासिल की। कार्यशाला का आयोजन कनाडा फंड फॉर लोकल इनिशिएटिव्स (CFLI) के सहयोग से किया गया, जिसमें क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और लखनऊ स्वच्छता अभियान की सहभागिता रही।

मास्क, गीली सफाई और सही वेंटिलेशन से घरेलू कामगार अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा कर सकते हैं-डॉ. भाव्या सिंह
घरेलू कामगारों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छ कार्य वातावरण को लेकर चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप द्वारा इनडोर वायु प्रदूषण एवं सुरक्षा विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 13 दिसंबर को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, विपिन खंड, गोमती नगर, लखनऊ के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुई, जिसमें 42 घरेलू कामगारों ने सक्रिय सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान चिंतन की सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. भाव्या सिंह ने घरेलू कामगारों को इनडोर वायु प्रदूषण की गंभीरता, घरों में मौजूद धूल व अन्य प्रदूषकों के स्रोत और दैनिक सफाई कार्य के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखने के सरल व व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने मास्क, गीले कपड़े से सफाई और नियमित वेंटिलेशन जैसे उपायों पर विशेष जोर दिया।

इनडोर धूल और प्रदूषकों के संपर्क में रहने से प्रभावित होती है फेफड़ों की कार्यक्षमता
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की मेडिकल ऑफिसर डॉ. रीना वर्मा ने बताया कि लंबे समय तक इनडोर धूल और प्रदूषकों के संपर्क में रहने से फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और हृदय स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने सफाई कार्य के बाद हाथ धोने, स्वच्छता की आदतों और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को बेहद जरूरी बताया।

कचरा पृथक्करणकी शुरुआत घर की रसोई से
लखनऊ स्वच्छता अभियान से जुड़े उज्ज्वल चौरसिया ने कचरा पृथक्करण (वेस्ट सेग्रीगेशन) की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी शुरुआत घर की रसोई से होती है। उन्होंने घरेलू कामगारों को घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता की रीढ़ बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

कार्यशाला के दौरान एक रोचक और उपयोगी गतिविधि का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सूखे और गीले कचरे को सही डिब्बों में डालने का अभ्यास किया। इस गतिविधि में सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को की-चेन वितरित किए गए। चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप का उद्देश्य ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से घरेलू कामगारों को स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी जानकारी देकर सशक्त बनाना है, ताकि वे सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक वातावरण में अपने कार्य को बेहतर ढंग से कर सकें।



