लखनऊ में सफाई कर्मियों की सुरक्षा पर विशेष कार्यशाला, गाइडबुक का विमोचन
चिंतन की यह पहल फ्रंटलाइन कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण प्रयास

लखनऊ, 20 नवंबर।
सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चिंतन (Chintan Environmental Research and Action Group) द्वारा नगर निगम लखनऊ के सहयोग से गुरुवार को राज कुमार हॉल, नगर निगम मुख्यालय, लालबाग में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शहर के फ्रंटलाइन सफाई कर्मियों को समर्पित थी, जिसमें उन्हें सुरक्षित कार्य प्रणाली, संक्रमण नियंत्रण, प्राथमिक उपचार, PPE के सही उपयोग और स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश (ABDM-UP) से डॉ. रीना वर्मा, मेडिकल ऑफिसर, और विकास श्रीवास्तव, PM IT, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, हेल्थ रिकॉर्ड प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण सफाई कर्मचारियों के लिए तेजी से और सरल उपचार सुविधा उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य और व्यक्तिगत सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देने की सलाह
डॉ. रीना वर्मा ने सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य और व्यक्तिगत सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देने की सलाह देते हुए कहा,
“आपका कोई रिप्लेसमेंट नहीं है। आपके परिवार में आपकी जगह कोई नहीं ले सकता, इसलिए अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हाथ जरूर धोएं और अपनी वर्दी को साफ रखें, ताकि संक्रमण से दूर रह सकें।”

सफाई कर्मियों को ग्लव्स और मास्क उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश- नम्रता सिंह, अपर नगर आयुक्त
कार्यक्रम में नगर निगम लखनऊ की अपर नगर आयुक्त श्रीमती नम्रता सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.के. श्रीवास्तव, SFI के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में सफाई मित्र उपस्थित रहे। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा लगातार सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा—“सफाई कर्मियों को सरकार की ओर से ग्लव्स और मास्क उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश है। साथ ही, वे अपने गमछे का उपयोग भी करें और धूल-धक्कड़ से हटकर समय-समय पर आराम जरूर लें। आपका स्वास्थ्य सबसे पहले है, और यह आपकी अपनी जिम्मेदारी भी है।”

डॉ. भाव्या सिंह ने सफाई कार्य के दौरान खतरनाक रसायनों से निपटने के तरीके समझाए
तकनीकी प्रशिक्षण डॉ. भाव्या सिंह ने प्रदान किया। उन्होंने सफाई कार्य के दौरान उपयोग होने वाले उपकरणों का सुरक्षित इस्तेमाल, खतरनाक रसायनों से निपटने के तरीके, कचरे का सुरक्षित संग्रहण और आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार जैसे व्यावहारिक विषयों को सरल भाषा में समझाया। कर्मचारियों को मौके पर ही PPE पहनने के सही तरीकों का प्रदर्शन भी कराया गया।

विशेष आकर्षणों में सफाई कर्मचारी गाइडबुक का विमोचन भी शामिल
कार्यक्रम के विशेष आकर्षणों में सफाई कर्मचारी गाइडबुक का विमोचन भी शामिल रहा। इस गाइडबुक में कार्यस्थल सुरक्षा, संक्रमण से बचाव, डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं, अधिकारों और स्वच्छता प्रबंधन से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी गई है, जो सफाई कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री का काम करेगी। अंत में एक खुला संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें सफाई मित्रों ने अपने अनुभव, चुनौतियाँ और सुझाव साझा किए। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
चिंतन की यह पहल शहर के उन फ्रंटलाइन कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण प्रयास
चिंतन की यह पहल शहर के उन फ्रंटलाइन कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है, जिनके श्रम से शहर की स्वच्छता व्यवस्था कायम रहती है। नगर निगम लखनऊ के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला न केवल कार्यस्थल सुरक्षा को मजबूत करती है, बल्कि सफाई कर्मियों के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी बड़ा योगदान देती है।



