मैलानी-नानपारा मीटर गेज रेल लाइन बनी ‘हेरिटेज लाइन’
रेलवे विरासत के संरक्षण के साथ बढ़ेगा पर्यटन और स्थानीय विकास

लखनऊ, 11 अक्टूबर
भारतीय रेलवे ने दुधवा नेशनल पार्क से गुजरने वाली ऐतिहासिक मैलानी-नानपारा मीटर गेज रेल लाइन को ‘हेरिटेज लाइन’ घोषित कर बड़ा कदम उठाया है। यह निर्णय न केवल रेलवे की 130 साल पुरानी धरोहर को सहेजने वाला है, बल्कि उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया आयाम देगा।
दुधवा के जंगलों से गुजरती विरासत — रेलवे इतिहास का नया अध्याय
यह लाइन उत्तर प्रदेश की अनमोल विरासत मानी जाती है, जो ब्रिटिश काल की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण है। रेलवे बोर्ड ने इसे औपचारिक रूप से हेरिटेज सूची में दर्ज कर संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मैलानी जंक्शन, जो 19वीं सदी के अंत में बना, ब्रॉड और मीटर गेज दोनों अवसंरचनाओं से लैस है — जो इसे अनोखा बनाता है।

हेरिटेज ट्रेन रन और सांस्कृतिक उत्सव से बढ़ा आकर्षण
रेलवे बोर्ड की कार्यकारी निदेशक (हेरिटेज) श्रीमती आशिमा मेहरोत्रा ने अप्रैल 2025 में इस खंड का निरीक्षण करते हुए मैलानी से दुधवा तक विस्टाडोम हेरिटेज ट्रेन यात्रा की।
यह कार्यक्रम “स्टेशन महोत्सव” का हिस्सा था, जिसमें स्थानीय बच्चों, जनजातियों और समुदायों ने थारू नृत्य जैसे पारंपरिक प्रदर्शन किए। इस अवसर पर एमजी डीजल इंजनों, पुराने सिग्नलिंग उपकरणों और रेलवे फर्नीचर के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

रेलवे विरासत और इको-टूरिज्म के समन्वय से खुलेगा नया आयाम
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के 2022 में शुरू किए गए मैलानी-बिछिया टूरिस्ट कोच ने जिस दिशा की शुरुआत की थी, अब वह हेरिटेज लाइन की घोषणा से साकार हो रही है। मैलानी और दुधवा स्टेशनों पर पारंपरिक उपकरणों का संरक्षण व सूचीकरण, तथा एमजी इंजनों की रखरखाव सुविधा स्थापित की जाएगी। यह पहल सतत् विकास मॉडल बनेगी — जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ट्रेन द्वारा दुधवा नेशनल पार्क की यात्रा और भी आकर्षक बनेगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई उड़ान
रेल मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से स्थानीय शिल्प, हस्तकला और पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी। दुधवा के वन्यजीवों, हरियाली और ग्रामीण जीवन से जुड़ा यह रेल मार्ग अब केवल यात्रा का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि संस्कृति, पर्यावरण और विरासत का जीवंत संगम बन जाएगा।



