स्टेशनों पर बैटरी कार संचालन से कुलियों की रोज़ी पर संकट
राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने रेल मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

टी एन मिश्र, लखनऊ
स्टेशनों पर बैटरी चालित वाहनों के संचालन ने कुलियों की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर रेलवे स्टेशन पर इस मुद्दे को लेकर कुलियों का आंदोलन कई दिनों से जारी है। आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा के कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने बताया कि रायपुर स्टेशन पर बैटरी चालित वाहनों के कारण कुलियों की आमदनी में भारी गिरावट आई है और परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन यात्रियों की सुविधा का हवाला देकर बैटरी कार सेवा को बंद करने से इनकार कर रहा है, जबकि आंदोलनरत कुलियों पर दमनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि रेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे निजीकरण और आधुनिकीकरण से कुलियों के रोजगार पर गहरा असर पड़ा है। उनकी आमदनी लगातार घट रही है और उनकी आजीविका खतरे में है।

राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने रेल मंत्री से मांग की है कि आंदोलनरत कुलियों की समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक समाधान किया जाए और वर्ष 2008 की नीति की तर्ज पर रेलवे कुलियों के पुनः समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि देशभर के कुलियों को स्थायी रोजगार मिल सके।


राष्ट्रीय कुली मोर्चा की वर्चुअल बैठक का संचालन चंदेश्वर मुखिया ने किया। बैठक में कलीम मकरानी, रामबाबू बिलाला, राम महावर, अनिल सावले, अरुण कुमार, राहुल कुमार, अरविंद कुमार, मूल चंद, राज कपूर, शिवराम यादव, रहमतुल्लाह, जफर अहमद, अरुण कुमार यादव, भारत भूषण, राज कुमार, कन्हैया ग्वाला, राजू टीकम और ओम प्रकाश खींची सहित कई प्रतिनिधि शामिल हुए।



