कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने भूख हड़ताल कर सरकार की नीतियों के खिलाफ किया सत्याग्रह
सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

लखनऊ, 24 जून 2025
उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में मंगलवार को कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों और शिक्षकों ने सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह किया। इस दौरान भूख हड़ताल कर सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा । लखनऊ में नगर निगम परिसर में बी.एन. सिंह प्रतिमा स्थल पर भूख हड़ताल आयोजित की गई और पुलिस आयुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
मोर्चा के अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा, महासचिव शशि कुमार मिश्रा और संयोजक सतीश कुमार पांडे ने बताया कि पिछले 8 वर्षों से प्रदेश में भाजपा-एनडीए सरकार होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और शिक्षकों की मांगों पर एक भी बैठक नहीं की। मुख्य सचिव स्तर पर 18 नवंबर 2024 को हुई बैठक के निर्णयों का कार्यवृत्त भी जारी नहीं हुआ, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। शशि कुमार मिश्रा ने चेतावनी दी कि सरकार की यह नीति आगामी चुनावों में प्रतिकूल असर डाल सकती है। सतीश पांडे ने बताया कि कर्मचारी संगठनों के सचिवालय प्रवेश पत्र बनाए जाने पर रोक और प्रमुख सचिव (कार्मिक) के पास फाइल लंबित होने से संवाद पूरी तरह ठप है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारी-शिक्षक संगठनों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है।


कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगें
मोर्चा ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने, वेतन समिति की रिपोर्ट लागू करने, फ्रीज महंगाई भत्ते (01 जनवरी 2020 से 31 जुलाई 2021) का एरियर देने, परिवार नियोजन, सीसीए सहित बंद भत्तों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, और रिक्त पदों पर नियुक्ति में वरीयता की मांग की। साथ ही, राजकीय निगमों, विकास प्राधिकरणों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं पर त्वरित निर्णय की आवश्यकता जताई।


आंदोलन को और तेज करने का ऐलान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वी.पी. मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों का आक्रोश चरम पर है और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संजय कुमार शुक्ला ने मोर्चा को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। भूख हड़ताल और सत्याग्रह में मोर्चा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश कुमार मिश्रा ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। यह सत्याग्रह कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच बढ़ते असंतोष का प्रतीक है, जो सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।भूख हड़ताल और सत्याग्रह में राजकीय निगम महासंघ के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा, डी.के. यादव, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार रावत, महामंत्री अतुल मिश्रा, माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष, फॉरेस्ट कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष आशीष पांडे, फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव, राम कुमार धानुक, जिला अध्यक्ष सुभाष, मंडल अध्यक्ष डी.सी. राव, दिलीप यादव (एक्स-रे एसोसिएशन) सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।



