“हर कुर्बानी के लिए तैयार हैं रेलवेमैन, संकट में सिर्फ देश दिखता है: शिव गोपाल मिश्र”
चीन के हमले के दौरान लुमडिंग डिविजन के कर्मचारियों ने दिखाया था अभूतपूर्व साहस

नई दिल्ली, 9 मई 2025:
रेलवे सिर्फ यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि देश की रक्षा के समय ‘सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस’ के रूप में भी कार्य करता है। ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने देश के मौजूदा हालात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेलवेमैन हर परिस्थिति में देश के साथ खड़े हैं, चाहे संकट युद्ध का हो या आपदा का।
शिव गोपाल मिश्रा ने ऐतिहासिक उदाहरणों को याद करते हुए कहा कि 1962 में चीन के हमले के दौरान लुमडिंग डिविजन के कर्मचारियों ने अभूतपूर्व साहस दिखाया था, वहीं 1965 की जंग में बमबारी के बीच भी रेलवे ट्रैक की मरम्मत कर सेना को जरूरी सामान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा, “रेलवेमैन ने हर बार साबित किया है कि देश सबसे पहले है।”उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में भी रेलवेमैन राष्ट्र की सेवा में किसी भी त्याग से पीछे नहीं हटेंगे। “हम न ओवरटाइम की मांग करेंगे, न घंटे गिनेंगे। जरूरत पड़ी तो बार्डर तक गोला-बारूद और रसद पहुंचाएंगे। हमें सिर्फ देश दिखता है,” उन्होंने भावुक लहजे में कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णयों के साथ खड़ा है हर रेलकर्मी
AIRF महासचिव ने यह भी कहा कि हर रेलकर्मी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णयों के साथ खड़ा है और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी अभियान में रेलवे की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी। यह बयान न केवल रेलवे कर्मचारियों की निष्ठा को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि संकट की घड़ी में भारतीय रेल सिर्फ पटरियों पर नहीं, देश की हिफाज़त की राह पर भी दौड़ती है।



