उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बना आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान
30 हजार करोड़ के निवेश और 50 हजार नौकरियों की उम्मीद, छह नोड्स पर तेज़ी से कार्य

लखनऊ, 09 मई 2025:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने आवास पर विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा के साथ बैठक की। इस दौरान उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित हो रहा यह कॉरिडोर न केवल भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगा।
अब तक कॉरिडोर के तहत 170 समझौता ज्ञापन (MoU) साइन हो चुके हैं, जिनके माध्यम से करीब 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार ने 57 निवेशकों को भूमि आवंटित की है और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें से 9462.8 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही ज़मीन पर उतर चुका है, जिससे 13,736 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
छह नोड्स पर विकसित हो रही रक्षा उत्पादन की आधारशिला
डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड्स—लखनऊ, अलीगढ़, कानपुर, झांसी, आगरा और चित्रकूट—में तेजी से निवेश और औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।
झांसी नोड में 16 कंपनियों को 531 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। यहां 4372 करोड़ रुपये के निवेश से विस्फोटक, गोला-बारूद और हथियार प्रणालियों का निर्माण होगा, जिससे 2928 लोगों को रोजगार मिलेगा।
कानपुर नोड में 5 कंपनियों को 210 हेक्टेयर भूमि मिली है। बुलेटप्रूफ जैकेट, छोटे हथियार और विशेष कपड़े बनाने वाली इकाइयों में 1758 करोड़ का निवेश और 2200 नौकरियाँ प्रस्तावित हैं।
अलीगढ़ नोड ड्रोन और काउंटर ड्रोन तकनीक का हब बन रहा है। यहां 24 कंपनियों को भूमि दी गई है, जिसमें 1921 करोड़ का निवेश और 5618 रोजगार सृजन का अनुमान है।
लखनऊ नोड में ब्रह्मोस एयरोस्पेस सहित 12 कंपनियों को 117 हेक्टेयर भूमि मिली है। यहां सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, ड्रोन और अन्य रक्षा उत्पाद तैयार होंगे। कुल 1411 करोड़ के निवेश से 2930 लोगों को रोजगार मिलेगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि आगरा और चित्रकूट में भी जल्द ही भूमि आवंटन और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज़ की जाए। यह कॉरिडोर ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



