हाईकोर्ट के आदेश पर सख्ती, मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान तेज
दुकानदारों और गैराज मालिकों पर भी शिकंजा

लखनऊ,18 अप्रैल
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के आदेशों के अनुपालन में परिवहन विभाग ने मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर, सायरन और मल्टीटोंड हॉर्न के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। न्यायालय ने इन उपकरणों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पुलिस और परिवहन विभाग को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दो दिन में 33 चालान, 9 वाहन जब्त—ज्यादातर बुलेट बाइक शामिल
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 17 और 18 अप्रैल को 33 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 9 वाहनों को थाने में निरुद्ध किया गया। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि अधिकांश वाहन बुलेट मोटरसाइकिल हैं, जिनमें अवैध रूप से मोडिफाइड साइलेंसर लगे हुए थे।

दुकानदारों और गैराज मालिकों पर भी शिकंजा, बैठक के लिए नोटिस जारी
लालबाग क्षेत्र में स्पेयर पार्ट्स बेचने वाली करीब 20 दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें 20 अप्रैल 2026 को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ कार्यालय में आयोजित बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ किया है कि ऐसे उपकरण बेचने और लगाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एक साल की सजा और 1 लाख तक जुर्माने का प्रावधान, जागरूकता अभियान भी जारी
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 182A(3) के तहत अवैध साइलेंसर, हूटर या मल्टीटोन हॉर्न बेचने या लगाने वालों को अधिकतम एक वर्ष की सजा या 1 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। वहीं वाहन मालिकों पर 5000 रुपये और ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। परिवहन विभाग द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ शहर में होर्डिंग और पंपलेट के जरिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

इस अभियान में एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रदीप कुमार, एसपी देव, आभा त्रिपाठी, अनीता वर्मा समेत स्थानीय पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।



