कुलियों के आजीविका संकट को दूर करें भारत सरकार – राष्ट्रीय कुली मोर्चा
कुलियों के रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जांच के लिए पूरे देश में डीआरएम को भेजें गए ज्ञापन

लखनऊ, 19 अगस्त 2025,
रेलवे के आधुनिकीकरण और निजीकरण के कारण कुलियों के सामने आए आजीविका के संकट को भारत सरकार और रेल मंत्रालय दूर करें। कुलियों को रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी, नियमित रोजगार, शिक्षा-स्वास्थ्य, वर्दी, विश्राम गृह आदि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को सुनिश्चित किया जाए। यह मांग आज पूरे देश में राष्ट्रीय कुली मोर्चा के आवाहन पर हुए कार्यक्रम में उठी। पूरे देश में कुलियों ने सभी मंडलों में डीआरएम को पत्रक दिए। यहां तक कि सुदूर नागालैंड, त्रिपुरा में भी पत्रक दिया गया। लखनऊ में भी हजरतगंज स्थित उत्तर रेलवे कार्यालय पर कुली प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपा।


कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय कुली मोर्चा के कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय कुली मोर्चा के लगातार प्रयासों के बाद रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय भारत सरकार ने देशभर में कार्यरत हजारों कुलियों की रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के संबंध में नौ बिंदुओं पर सभी डीआरएम को जांच का आदेश दिया था। 2 महीने बीतने के बाद देश में बहुत सारी जगहों पर तो यह जांच शुरू ही नहीं हुई और धनबाद, भुसावल जैसे कुछ एक मंडलों में बिना कुलियों से संवाद किए हुए ही जांच रिपोर्ट लगाकर रेल मंत्रालय को भेज दी गई। यह बेहद अन्याय पूर्ण है। आज राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने डीआरएम से अनुरोध किया है कि वह विधिवत्त कुलियों का पक्ष जानकर उनकी स्थितियों की जांच कराए ताकि ग्रुप डी में नौकरी, नियमित रोजगार जैसे उनके सवाल हल हो सके।


उन्होंने कहा कि देश के रेल मंत्री माननीय अश्विन वैष्णव द्वारा संसद में कहा गया कि कुलियों के लिए बहुतेरी सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं चलाई जा रही है जो उन्हें प्राप्त हो रही है।जमीनी सच्चाई इसके उलट है, कुलियों के बच्चों की शिक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। उनके परिवारजनों के इलाज के लिए उम्मीद और आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। इसी प्रकार विश्राम गृहों की भी हालत बेहद खराब है। उन्होंने कहा की गरिमापूर्ण जीवन संविधान में हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को इसे सुनिश्चित करना चाहिए। कुलियों के भी रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के प्रश्न को हल कर उनको अंधकारमय भविष्य से बचाया जाना चाहिए।
आज के कार्यक्रम का नेतृत्व विभिन्न जगहों पर रमेश ठाकुर, अनिल सांवले, राजकुमार यादव, शेख रहमतुल्लाह, चंदेश्वर मुखिया, रामबाबू बिलाला, राम महावर, कलीम मकरानी, डी के गुजाशाय, सुवरेटा देशबंधु, समीराम, संजय पासवान, सुभाष यादव, सुखमय देशबंधु, मंद्रीरा दास, राजकृष्ण कुशवाह, दिगम्बर यादव, सुरेंद्र यादव, जयलाल भगत, अरुण कुमार यादव, जलील अहमद, दिनेश मुखिया, सूबेदार मीणा, रामपाल, उमेश शर्मा, राहुल कुमार, राज कपूर, भारत भूषण, राजकुमार, अरुण कुमार महतो, शिवराम आदि लोगों ने किया।



