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4500 संविदा कर्मचारियों की छंटनी से हड़कंप, मध्यांचल विद्युत निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन

 बहाली की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी

लखनऊ, 7 मई।
राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग के 4500 संविदा कर्मचारियों की एक साथ हुई छंटनी के बाद हड़कंप मच गया है। नौकरी से निकाले गए सभी कर्मचारी अब बहाली की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।  सुबह से ही मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) के मुख्यालय पर सैकड़ों की संख्या में संविदा कर्मचारी एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के प्रभारी पुनीत राय भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा 30% आउटसोर्स संविदा कर्मियों की अव्यवहारिक और अन्यायपूर्ण छंटनी कर दी गई है, जिससे 4500 परिवारों की आजीविका संकट में है। यह केवल छंटनी नहीं, बल्कि डिस्कॉम के निजीकरण की गहरी साजिश का हिस्सा है।

बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें अचानक सेवा से कर दिया गया बाहर 

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें अचानक सेवा से बाहर कर दिया गया, जिससे उनके परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन पर मनमानी और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तत्काल बहाली की मांग की है।
विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के प्रभारी, पुनीत राय के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने निगम गेट पर नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक उन्हें पुनः बहाल नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कई कर्मचारियों ने यह भी कहा कि लंबे समय से बिजली विभाग की सेवाओं में योगदान देने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया है, जैसे वे अस्थायी नहीं, बल्कि बोझ हों।

इस बीच निगम प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया है। प्रदर्शन के चलते निगम परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस बल की तैनाती की गई है। मामला लगातार गर्माता जा रहा है और अब कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वह राज्यव्यापी आंदोलन की दिशा में कदम उठाएंगे।

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