मध्यांचल डिस्कॉम में 30% संविदा कर्मियों की छंटनी के विरोध में आंदोलन की घोषणा
05 मई 2025 को सभी जिलों में एकदिवसीय सत्याग्रह

लखनऊ, 4 मई,2024
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अचानक लगभग 30 प्रतिशत आउटसोर्स संविदा कर्मियों की छंटनी के निर्णय के खिलाफ विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इस छंटनी से लगभग 4500 श्रमिकों की आजीविका खतरे में पड़ गई है, जिसे संगठन ने गैरकानूनी और प्रदेश सरकार की रोजगार नीति का उल्लंघन बताया है।
विद्युत संविदा मजदूर संगठन के संस्थापक आर एस राय ने 30 अप्रैल की बैठक में इस निर्णय के विरोध में दो चरणों के आंदोलन की घोषणा की थी। पहले चरण में 05 मई 2025 को सभी जिलों में एक दिवसीय सत्याग्रह आगामी किया जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण में संगठन के प्रान्तीय प्रभारी पुनीत राय 07 मई 2025 से लखनऊ के गोखले मार्ग स्थित निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
छंटनी वापस नहीं ली जाती है तो उग्र रूप लेगा आंदोलन
संगठन के मीडिया प्रभारी विमल चंद्र पांडे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि यह छंटनी वापस नहीं ली जाती है तो आंदोलन उग्र रूप लेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि 2017 की तुलना में आज प्रदेश में बिजली की खपत दोगुनी हो चुकी है और अकेले मध्यांचल निगम में उपभोक्ता संख्या 58 लाख से बढ़कर 1 करोड़ 10 लाख हो गई है। ऐसे में, कई गुना कार्यभार बढ़ने के बावजूद कर्मियों की संख्या घटाना असंगत और जनविरोधी निर्णय है।


गाजियाबाद में ऊर्जा मंत्री का किया गया स्वागत
विद्युत मजदूर संगठन एवं विद्युत संविदा मजदूर संगठन, गाजियाबाद के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने 30 अप्रैल को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का भव्य स्वागत किया था। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भारी संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीतेन्द्र सिंह राना, आशीष कुमार, राजू सिंह, शमशाद अली, साजिद अली, उपेंद्र कुमार, पूरन सिंह सिंह, अरुण शर्मा और तेजपाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिनकी सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि इससे संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की इस एकजुटता से ऊर्जा विभाग में मजदूरों की आवाज और अधिक मजबूत होगी।



