उत्तर प्रदेशदेश-विदेश

विद्युत संविदा मज़दूर संगठन उप्र द्वारा बेमियादी कार्य बहिष्कार का आहवान

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से निजीकरण की कार्यवाही को तत्काल रोकने की मांग

लखनऊ 13 अप्रैल।
विद्युत संविदा मज़दूर संगठन उप्र ने रविवार को निजीकरण के विरोध में बेमियादी कार्य बहिष्कार का आहवान किया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के बयान से भी संगठन में खासा रोष है।बैठक मे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा विधानसभा में की गई घोषणा के संदर्भ मे संविदा कर्मियों को विभाग द्वारा सीधे वेतन का भुगतान किए जाने ,आउट सोर्स कर्मियों की सेवा नियमावली बनाए जाने एवं श्रमिकों को 22 हज़ार एवं लाइन मैन,एस एस ओ,कम्प्यूटर आपरेटर को 25 हज़ार रुपये वेतन दिए जाने की मॉग की गई है।

मीडिया प्रभारी विमल चन्द्र पांडेय ने बताया कि विद्युत संविदा मज़दूर संगठन उप्र की केन्द्रीय कार्यकारिणी ने रविवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर निजीकरण की कार्यवाही को तत्काल रोकने की मांग की है।नरही स्थित संगठन के केंद्रीय कार्यालय में आज प्रान्तीय अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना की अध्यक्षता मे हुई उक्त बैठक में निजीकरण के विरोध में पूरे प्रदेश मे अनिश्चित क़ालीन कार्य वहिष्कार का निर्णय लिया गया ।कार्यकारिणी द्वारा प्रदेश प्रभारी पुनीत राय को विद्युत कर्मचारी महासंघ उप्र के घटक संगठनों के साथ शीघ्र बैठक करके कार्य वहिष्कार की तिथि तय किए जाने हेतु अधिकृत किया गया है ।
मीडिया प्रभारी विमल चन्द्र पांडेय ने बताया कि बैठक मे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा विधानसभा में की गई घोषणा के संदर्भ मे संविदा कर्मियों को विभाग द्वारा सीधे वेतन का भुगतान किए जाने ,आउट सोर्स कर्मियों की सेवा नियमावली बनाए जाने एवं श्रमिकों को 22 हज़ार एवं लाइन मैन,एस एस ओ,कम्प्यूटर आपरेटर को 25 हज़ार रुपये वेतन दिए जाने की मॉग की गई । संगठन द्वारा की गयी अन्य मॉगो मे कार्य करने की आयु 55 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने,पूरे प्रदेश में कार्य से हटाए गए 16 हज़ार संविदा कर्मियों को कार्य पर वापस रखने,प्रत्येक ज़िले को नज़दीकी ईएसआई अस्पताल से सम्बद्ध किए जाने की माँग प्रमुख रूप से शामिल है।
श्री पांडेय ने बताया कि विभागीय कार्मिको और अधिकारियों की लापरवाही से विद्युत दुर्घटना में प्रति वर्ष लगभग पन्द्रह सौ संविदा कर्मियों की दर्दनाक मौतो को रोकने हेतु कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों को विभाग द्वारा सीधे सुरक्षा उपकरणों को मुहैया कराने और विद्युत दुर्घटना में घायल संविदा कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा प्रदान किए जाने की माँग की गई ।

उन्होंने बताया कि वैठक में वरिष्ठ मज़दूर नेता आर एस राय सहित विद्युत मज़दूर संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष विमल चन्द्र पांडेय ,प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद सरफराज अली ,मुख्य महामंत्री भोला सिंह कुशवाहा,राजेश्वर सिंह, पूर्वांचल अध्यक्ष संजय सिंह मध्यांचल अध्यक्ष अशोक पाल, गोरखपुर जोन अध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव,विजय नंदन, अशोक राय, राम आसरे मौर्य, अनिरुद्ध कुमार, रविंद्र पटेल, अजय मिश्रा ,राजी सिंह, सत्येंद्र यादव, अरविंद कुमार, प्रियांशु राय, मुनीष पाल, विपिन कुमार विश्वकर्मा, नरेश पाल, सुरेंद्र प्रसाद, प्रभु नाथ सिंह, बासुकीनाथ, अश्वनी, गुलाब यादव आदि प्रमुख लोग शामिल हुए।

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