उत्तर प्रदेश
” 10 कार्यकारिणी सदस्यों ने 45 लाख राजधानीवासियों की उम्मीदों पर पानी फेरा!”
रक्षामंत्री के संसदीय क्षेत्र के विकास में बाधक बने भाजपा के 8 कार्यकारिणी सदस्य

नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में हंगामा! भाजपा के 8 पार्षद नदारद, बजट अटकाबजट बैठक में व्यवधान! भाजपा के 8 पार्षदों की गैरमौजूदगी पर महापौर नाराजलखनऊ में विकास कार्यों पर संकट? नगर निगम की बैठक में भाजपा पार्षद गायबमहत्वपूर्ण बजट बैठक में 8 भाजपा पार्षद गैरहाजिर, महापौर ने जताई सख्त नाराजगीनगर निगम की बैठक में भाजपा पार्षदों की गैरहाजिरी से बजट पर संशय!बजट बैठक से भाजपा पार्षद नदारद, महापौर ने पार्टी नेतृत्व को भेजी शिकायतलखनऊ की विकास योजनाओं पर रोक? भाजपा के 8 पार्षदों की अनुपस्थिति से बजट लटकाभाजपा पार्षदों की अनुपस्थिति से नगर निगम बजट बैठक बेनतीजा, जनता के विकास पर असर!
लखनऊ, 10 मार्च।
“लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में सोमवार को बजट पर चर्चा के बाद उसको पास किया जाना था। लेकिन भाजपा के ही आठ कार्यकारिणी सदस्य बैठक से में नहीं पहुंचे। जिससे विकास को लेकर राजधानी के 45 लाख लोगों की उम्मीद पर पानी फिर गया। बैठक में न शामिल होने वालों में सपा के भी दो सदस्य शामिल हैं। नगर निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 10 कार्यकारिणी सदस्यों के अनुपस्थित होने के पीछे किसी साजिश की बू आ रही है। इतिहास में पहली बार यह घटना हुई है। पार्षदों की मानें तो समय से बजट पास न होने से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र के विकास की गति सुस्त हो जाएगी। कार्यकारिणी सदस्यों के बिना बताए बैठा से गायब होने पर कई सवाल उठ रहे हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 के बजट पारित करने के लिए बुलाई गई थी बैठक
राजधानी लखनऊ में नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक, जो वित्त वर्ष 2025-26 के बजट पारित करने के लिए बुलाई गई थी। लेकिन बैठक अधर में लटक गई। बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ पार्षद बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे, जिसके चलते नगर निगम का बजट पारित नहीं हो सका। इस स्थिति पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने गहरी नाराजगी जताई है। यह सब तब है जबकि सर्वदलीय बैठक में सभी कार्यकारिणी सदस्य मौजूद थे। बैठक में शामिल नहीं होने आठ 8 भाजपा पार्षद और दो सपा पार्षद हैं।

सभी कार्यकारिणी सदस्यों को पत्र और फोन के माध्यम से दी जा चुकी थी सूचना
नगर निगम मुख्यालय में यह बैठक सुबह 9 बजे प्रस्तावित थी। जिसकी सूचना सभी कार्यकारिणी सदस्यों को पहले ही पत्र और फोन के माध्यम से दी जा चुकी थी। लेकिन आज की महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा से केवल उपसभापति गिरीश गुप्ता और मनकामेश्वर वार्ड के पार्षद रणजीत सिंह ही उपस्थित हुए, जबकि अन्य 8 भाजपा पार्षद अनुपस्थित रहे। महापौर और नगर आयुक्त सहित सदन में सभी लोग कार्यकारिणी सदस्यों का इंतजार करते रहे परन्तु वह 12 बजे तक भी नहीं पहुंचे। जिसपर ने मेयर सुषमा खर्कवाल ने नाराजगी जाहिर की है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने नगर अध्यक्ष को इस मामले में पत्र भेजकर अनुपस्थित कार्यकारिणी सदस्यों से जवाब तलब करने की बात कही है।
अनुपस्थित पार्षदों के नाम:
अनूप कमल सक्सेना
उमेश सनवाल
मुकेश सिंह मोंटी
अनुराग मिश्रा
भृगुनाथ शुक्ला
चरणजीत गांधी
कृष्णा नारायण सिंह
गौरी साँवरिया

*विकास कार्य प्रभावित करने की कोशिश*
महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सूचना के इतने पार्षदों का बैठक से नदारद रहना लखनऊ के विकास कार्यों को प्रभावित कर सकता है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा है कि
बजट बैठक शहर के विकास से जुड़ी सबसे अहम बैठक थी। अगर इतने पार्षद गैरहाजिर रहेंगे, तो लखनऊ की जनता का विकास कैसे होगा? यह बहुत गंभीर विषय है, और हमने इसकी सूचना पार्टी नेतृत्व को भेजी है।”

पार्षद रणजीत सिंह ने जताया दुख
बैठक में उपस्थित एकमात्र पार्षद रणजीत सिंह ने भी अन्य पार्षदों की अनुपस्थिति पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह से बैठक में भाग न लेना शहर के विकास में बाधा डालने जैसा है। पार्षद रणजीत सिंह ने कहा कि “मैंने उम्मीद की थी कि सभी पार्षद बैठक में आएंगे और हम बजट पर चर्चा कर पाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह लखनऊ की जनता के हित में नहीं है।” नगर निगम प्रशासन ने संबंधित पार्षदों से उनकी अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण माँगा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के ये पार्षद अपनी गैरमौजूदगी को लेकर क्या सफाई देते हैं और नगर निगम प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।



