बिजली निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल रोकने की माँग
विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक

लखनऊ, 16 फरवरी।
विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सभी ने बिजली निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल रोकने की माँग की। प्रदेश अध्यक्ष विमल चन्द्र पांडेय की अध्यक्षता में केंद्रीय कार्यालय हम्बरा अपार्टमेंट में हुई बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारी नेताओं ने हिस्सा लिया।वरिष्ठ मजदूर नेता आर एस राय की मौजूदगी में निर्णय लिया गया कि बिजली के निजीकरण का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के मीडिया प्रभारी अजय भट्टाचार्य ने बताया कि बैठक में कहा गया कि बिजली के निजीकरण से किसानो सहित आम विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरें बढ़ेगी । नियमित कर्मचारियों की सेवा शर्तें प्रभावित होने के साथ ही इनकी छटनी होना तय है। इसके अलावा हजारों की संख्या में संविदा कर्मी बेरोजगार हो जाएंगे तथा उनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगा।इसलिए बिजली के निजीकरण को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बिजली दरों का बोझ

मीडिया प्रभारी अजय भट्टाचार्य ने बताया कि संगठन ने की मांग है कि उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के हितों को देखते हुए निजीकरण की चल रही प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए। बैठक में वरिष्ठ मजदूर नेता आर एस राय और मुख्य महामंत्री श्री चन्द्र के साथ अरुण कुमार, शोएब हसन, आरसी पाल, इंद्रेश राय,हामिद रजा,राहुल कुमार,जितेंद्र कुमार, अजय भट्टाचार्य, अभिषेक सिंह,अवनीश श्रीवास्तव,सतीश तिवारी, उदयभान दुबे, राजीव रंजन राय, आरिफ वेग,विनोद कुमार, अहमद अली,अरविंद कुमार, मनीष श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।



