लखनऊ एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही होगी आसान, उड़ानों में देरी घटने की उम्मीद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल रंग ला रही, समानांतर टैक्सी ट्रैक का 804 मीटर हिस्सा शुरू; मार्च 2027 तक पूरा होगा निर्माण

लखनऊ, 28 अक्टूबर।
राजधानी के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही को अधिक सुगम और तेज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों के तहत समानांतर टैक्सी ट्रैक का निर्माण कराया जा रहा है। इसके पहले चरण में 804 मीटर लंबे हिस्से का बुधवार को उद्घाटन किया गया। यह हिस्सा बुधवार रात 12 बजे से विमानों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होगा। पूरे 2,864 मीटर लंबे टैक्सी ट्रैक का शेष निर्माण कार्य मार्च 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

रनवे जल्द होगा खाली, विमानों के संचालन में आएगी तेजी
समानांतर टैक्सी ट्रैक शुरू होने से विमानों को रनवे से उतरने के बाद दूसरे हिस्सों तक पहुंचने में अधिक सुविधा मिलेगी। टैक्सी ट्रैक वह निर्धारित रास्ता होता है, जिस पर विमान रनवे से उतरने के बाद टर्मिनल, पार्किंग बे या अन्य परिचालन क्षेत्रों की ओर जाते हैं। नई व्यवस्था से विमानों को रनवे पर अधिक देर तक रुकने की जरूरत कम होगी और रनवे जल्दी खाली हो सकेगा। इससे अन्य विमानों को उतरने और उड़ान भरने का अवसर मिलने के साथ एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

उड़ानों में देरी कम करने में मिलेगी मदद
लखनऊ एयरपोर्ट पर नियमित यात्री विमानों के साथ-साथ दूसरे एयरपोर्ट से डायवर्ट होकर आने वाली उड़ानों का भी दबाव रहता है। खराब मौसम, परिचालन संबंधी दिक्कतों या अन्य कारणों से दिल्ली, वाराणसी और आसपास के शहरों की उड़ानों को लखनऊ भेजे जाने पर विमानों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में समानांतर टैक्सी ट्रैक की सुविधा विमानों के प्रबंधन को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकती है। इससे उड़ानों के संचालन में लगने वाला समय कम करने और समयबद्धता में सुधार की उम्मीद है।

बड़े विमानों के संचालन को भी मिलेगा लाभ
लखनऊ एयरपोर्ट की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से अंतरराष्ट्रीय और बड़े विमानों के परिचालन को भी बेहतर सहयोग मिलने की संभावना है। अमेरिका, रूस सहित विभिन्न देशों से आने वाले बड़े विमानों के संचालन के लिहाज से एयरपोर्ट की सुविधाओं को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। हालांकि, बड़े विमानों के संचालन की वास्तविक क्षमता विमान के प्रकार, रनवे की लंबाई, भार, मौसम और अन्य तकनीकी मानकों पर निर्भर करती है।
समानांतर टैक्सी ट्रैक के शेष हिस्से का निर्माण पूरा होने के बाद एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही और रनवे प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इससे लखनऊ एयरपोर्ट की परिचालन व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ यात्रियों को भी उड़ानों में देरी कम होने का लाभ मिलने की उम्मीद है।



