पत्रकारों की पेंशन के लिए उचित मंच पर पैरवी करेंगे अवनीश अवस्थी
आईएफडब्ल्यूजे के 76वें स्थापना दिवस पर पत्रकार सुरक्षा पर गोष्ठी आयोजित, राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों का रजिस्टर बनाने का समर्थन

लखनऊ, 28 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों की पेंशन के मुद्दे पर उचित मंच पर पैरवी करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके स्तर से हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सूचना एवं निदेशक सूचना से भी वार्ता की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले सप्ताह यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। उनका प्रयास रहेगा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के पत्रकारों को हर हाल में लाभान्वित किया जा सके।

श्री अवनीश अवस्थी मंगलवार को यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की ओर से यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के 76वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पत्रकारों की सुरक्षा, पेंशन और अन्य समस्याओं को लेकर गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि को प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रकारों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया।

राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों का रजिस्टर बनाने की जरूरत
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों की पहचान और उनके पंजीकरण से जुड़े मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों का रजिस्टर तैयार किए जाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों का व्यवस्थित रजिस्टर तैयार किया जाता है, तो इससे पत्रकारों को व्यापक लाभ मिल सकता है। पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ ही उनके हितों से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी इससे मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उन्हें पत्रकारों के लिए काम करने का अवसर मिला है। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उन्हें अन्य स्तंभों की तरह मजबूत होकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि खेल विभाग से वार्ता कर पत्रकारों को लाभान्वित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

पत्रकार सुरक्षा कानून और नेशनल रजिस्टर की मांग
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आईएफडब्ल्यूजे के अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने पत्रकारों की समस्याओं को उठाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों का रजिस्टर तैयार करने तथा पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है, ताकि पत्रकार बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार चिंतित : पवन सिंह चौहान
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार भी चिंतित है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समस्याएं जायज हैं और उनका समाधान होना चाहिए। पत्रकार सही मायने में समाजसेवी होते हैं, जो आलोचनाओं और अभावों का सामना करने के बावजूद जनता के हितों की लड़ाई लड़ते रहते हैं। पवन सिंह चौहान ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा हो या उनकी पेंशन का मामला, सभी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह समस्याओं के समाधान और उनके निदान के लिए पूरी तरह प्रयास करेंगे तथा इन मुद्दों को सरकार के समक्ष रखेंगे।
पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार सिंह, राष्ट्रीय महासचिव विश्वदेव राव, प्रदेश महामंत्री देवराज सिंह और लखनऊ इकाई के अध्यक्ष शिवशरण सिंह ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा, पेंशन, पहचान तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

बड़ी संख्या में पत्रकार रहे उपस्थित
इस अवसर पर महामंत्री नितिन श्रीवास्तव, प्रेम कांत तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर पंकज, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य रजा रिजवी, भास्कर दुबे, सुरेश यादव, सर्वेश तिवारी, अविनाश शुक्ला, टीएन मिश्रा, अनिल सैनी, मोहम्मद जुबेर, पवन कुमार सिंह, रेनू निगम, नायला किदवाई, जेपी शुक्ला, सूर्य नारायण सिंह, कलानिधि मिश्रा, महिमा तिवारी, मुकुल मिश्रा, राकेश सिंह चौहान, अनिल त्रिपाठी, मोहम्मद जान तुर्की, विजय प्रकाश मिश्रा, आशीष कुमार सिंह, भाजपा नेता प्रदीप सिंह बब्बू, सुमति सक्सेना, सुरेंद्र अग्निहोत्री, गंगेश मिश्रा, विजय मिश्रा और मोहम्मद तारिक फारुकी सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।



