सुप्रीम कोर्ट के TET आदेश पर पुनर्विचार याचिका की मांग लेकर सीएम योगी से मिले एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह
1.5 लाख शिक्षकों के भविष्य को लेकर जताई चिंता, नॉन-टीचिंग स्टाफ को कैशलैस इलाज सुविधा देने का भी प्रस्ताव

लखनऊ, 13 सितम्बर 2025
उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय पर गंभीर चिंता व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 1685/2025 (अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) में परिषदीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है।

एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि विभिन्न समय पर अलग-अलग योग्यताओं के आधार पर नियुक्त शिक्षक अब इस फैसले से प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि इस आदेश से राज्य के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों और उनके परिवारों का भविष्य संकट में पड़ सकता है, जिससे शिक्षक समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है।


एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि सरकार पूरी तैयारी के साथ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे और आवश्यकता पड़ने पर विधायी प्रक्रिया के माध्यम से कानून संशोधित कर शिक्षकों को उनकी नियुक्ति के समय की योग्यता के अनुसार संरक्षित किया जाए। देवेंद्र प्रताप सिंह ने इसके साथ ही नॉन-टीचिंग स्टाफ को शिक्षकों की तरह कैशलैस इलाज सुविधा देने की भी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मामले पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।



