“डग्गामार वाहनों पर लगेगी लगाम, आंदोलन की चेतावनी के साथ रोडवेज परिषद का बड़ा फैसला”
"संविदा कर्मियों की नियुक्ति व भत्तों को लेकर सरकार को दिया समय, अन्यथा फिर से शुरू होगा आंदोलन"

लखनऊ, 22 मई।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश की केंद्रीय प्रबंध समिति की एक अतिआवश्यक बैठक चारबाग बस स्टेशन पर हुई। इस बैठक में प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अनियंत्रित रूप से चल रहे अवैध वाहनों और परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर यात्रियों की सुरक्षा और सरकार के राजस्व के साथ खिलवाड़ करने वाले डग्गामार वाहनों पर कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र, ने घोषणा की कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी, संभागीय परिवहन अधिकारी और अन्य नियंत्रक अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ, तो संगठन आंदोलन भी शुरू करेगा। परिषद का कहना है कि ये वाहन न केवल निगम की आय को नुकसान पहुँचा रहे हैं, बल्कि यात्री सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं।

बैठक में देय तिथि से महंगाई भत्ता न दिए जाने पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया गया। साथ ही, 2001 तक नियुक्त संविदा चालकों और परिचालकों को नियमित करने, संविदा कर्मियों का आर्थिक उत्पीड़न समाप्त करने तथा आउटसोर्स कर्मियों के पारिश्रमिक में वृद्धि की मांग की गई। इन मुद्दों पर 21 अप्रैल 2025 को उच्च प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में बनी सहमति को लागू करने हेतु शासन व निगम प्रबंधन को कुछ और समय देने का निर्णय लिया गया। परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि समाधान नहीं हुआ तो स्थगित आंदोलन दोबारा प्रारंभ किया जाएगा।

बैठक में संगठन को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा परिवहन निगम व उसके कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए। इसके साथ ही, 1165 मृतक आश्रितों की नियुक्ति के संबंध में सरकार द्वारा लिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री का आभार प्रकट किया गया। प्रमुख सचिव और प्रबंध निदेशक के प्रयासों की भी सराहना की गई। यह बैठक परिषद के अध्यक्ष गिरजा शंकर तिवारी की अध्यक्षता में देर शाम तक चली, जिसमें प्रदेश भर से आए केंद्रीय पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



