आईआरआईटीएम में जुटे रेलवे के बड़े अधिकारी, बेहतर रेल परिचालन पर मंथन
यात्री और माल परिवहन को मजबूत करने पर जोर, तकनीक से बढ़ेगी रेलवे की रफ्तार

लखनऊ, 24 अगस्त।
भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम), लखनऊ में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का दो दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन शुरू हुआ। 24 और 25 अगस्त को आयोजित इस सम्मेलन में जोनल रेलों के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (PCOMs) शामिल हुए। सम्मेलन में यातायात परिवहन, रेल परिचालन, माल ढुलाई और भविष्य की रेल व्यवस्था को बेहतर बनाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

तकनीक के सहारे बेहतर होगा रेल परिचालन
सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि रेलवे बोर्ड के सदस्य (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) डॉ. मनोज सिंह आईआरआईटीएम पहुंचे। संस्थान के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर ने उनका स्वागत किया। उद्घाटन सत्र में रंजन प्रकाश ठाकुर ने स्वागत संबोधन दिया। इसके बाद आरडीएसओ के महानिदेशक प्रभास दंसाना और रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य (यातायात) देवेंद्र कुमार ने भी अपने विचार रखे।

डॉ. मनोज सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने, उपलब्ध संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल करने तथा माल परिवहन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने रेलवे की सेवा और प्रतिस्पर्धा को बेहतर बनाने के लिए तकनीक आधारित समाधानों को अपनाने की आवश्यकता बताई।

माल ढुलाई से लेकर यात्री परिवहन तक पर चर्चा
सम्मेलन के तकनीकी सत्र की शुरुआत यातायात परिवहन निदेशालय की प्रस्तुति से हुई। इसमें यातायात परिवहन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और क्षेत्र में हो रहे बदलावों की जानकारी दी गई। इसके बाद अलग-अलग जोनल रेलों के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधकों ने प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों में रेलवे परिवहन के भविष्य की संभावनाओं, परिचालन से जुड़ी चुनौतियों और उन्हें दूर करने के नए तरीकों पर विचार साझा किए गए। अधिकारियों ने रेल परिवहन व्यवस्था को और तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए अपने अनुभव और सुझाव भी साझा किए।

रेलवे के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेशवरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों से बनेगी नई रणनीति
सम्मेलन के दौरान आईआरआईटीएम परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। डॉ. मनोज सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पौधे लगाए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित एवं पर्यावरण अनुकूल रेलवे व्यवस्था को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। सम्मेलन का पहला दिन रेलवे अधिकारियों के लिए अपने अनुभव साझा करने और परिचालन से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन करने का महत्वपूर्ण मंच बना। रेल परिवहन और माल ढुलाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीतियों और विचारों का आदान-प्रदान किया गया। सम्मेलन में रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, रेलवे की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (PSUs), विभिन्न जोनल रेलों के अधिकारी और आईआरआईटीएम के संकाय सदस्य मौजूद रहे।



